सोलन शहर में आयोजित होने वाले मां शूलिनी मेले में लगने वाले भंडारों में शुल्क का लगातार विरोध हो रहा है। निगम ने भंडारे के पंजीकरण के दौरान 2000 रुपये सफाई शुल्क देना होगा। इसे लेकर राजनीति भी गरमा गई है। महापौर ऊषा शर्मा ने शुल्क को लेकर कहा कि सुलेमान बनाम प्रदेश सरकार का केस उच्चन्यायालय में लगा था। उच्चन्यायालय ने नगर निगम को सफाई व्यवस्था बनाने के लिए शुल्क लगाने के आदेश दिए थे। इसके बाद कार्यकारी महापौर मीरा आनंद की अध्यक्षता में 03-08-2024 विशेष हाउस हुआ। इसमें प्रस्ताव डाला कि 100 से कम की लोगों के आयोजन पर कोई पैसे नहीं लिए जाएंगे। जबकि इससे अधिक के आयोजन पर 2000 रुपये लगाएं जाएंगे। इसे भाजपा पार्षदों ने हामी भरी थी। लेकिन अब भाजपा पार्षद क्यों विरोध कर रहे है। वहीं, उपमहापौर मीरा आनंद ने बताया कि सुलेमान बनाम सरकार केस के बाद निगम में विशेष बैठक भले की गई थी। लेकिन उस बैठक के बाद कई हाउस हो गए हैं। उसमें संशोधन किया जा सकता था। प्रस्ताव में मां शूलिनी मेले में होने वाले भंडारे में कोई शुल्क की बात नहीं लिखी है।