नशा मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय सोलन में विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मनीषा ने किया। इस अभियान के तहत गायन, नृत्य, वाद-विवाद, भाषण, नुक्कड़ नाटक, पेंटिंग, लघु फिल्म निर्माण, रील मेकिंग, स्लैम कविता और नारा लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा देना है। प्रतियोगिताओं के लिए कई प्रेरणादायक विषय निर्धारित किए गए हैं। गायन प्रतियोगिता में 'बदलाव की लय, युवा की आवाज' और 'नशा छोड़ो, सुर जोड़ो' जैसे विषय शामिल हैं। वहीं नृत्य प्रतियोगिता में 'परंपरा से परिवर्तन' और 'नशा मुक्त भारत के लिए एकता' विषयों पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं में 'नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका' जैसे विषयों पर विचार रखे जाएंगे। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से 'नशे की नहीं, राष्ट्र निर्माण की लत लगाओ' का संदेश समाज तक पहुंचाया जाएगा। पेंटिंग प्रतियोगिता में 'नशा मुक्त भविष्य चित्रित करें' और 'रंगों से संदेश, स्वस्थ भारत की ओर' जैसे विषय दिए गए हैं। वहीं लघु फिल्म और रील निर्माण के लिए 'नशे की कीमत' और 'नशा मुक्त नया चलन' जैसे विषय तय किए गए हैं। स्लैम कविता और नारा लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से भी युवाओं को नशा छोड़कर उज्ज्वल भविष्य अपनाने का संदेश देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ नशे के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।