चंबाघाट रेलवे फाटक को स्थाई रूप से बंद करने के प्रस्ताव ने सोलन में जनाक्रोश भड़का दिया है। वीरवार सुबह स्थानीय लोगों को जानकारी मिली कि रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर फाटक को पहले अस्थाई और फिर स्थाई रूप से दीवार खड़ी कर बंद करने की कार्रवाई करेंगे। सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग वहां जुट गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मौजूद रेलवे अधिकारी भी यह सुनकर हैरान रह गए कि स्थानीय प्रशासन ने जनता से कोई संवाद तक नहीं किया। लोगों ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला रेलवे और एनएचएआई के बीच वित्तीय भागीदारी से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे लिखित प्रतिनिधित्व दोबारा देंगे और किसी भी कीमत पर इस फाटक को बंद नहीं होने देंगे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मुद्दे पर न तो कोई जनसुनवाई की और न ही निवासियों से राय ली। डीसी और एसडीएम की गैरमौजूदगी से गुस्सा और भड़क गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि करीब 1.5 लाख लोग इस फैसले से प्रभावित होंगे। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो इसकी सीधी जिम्मेदारी डीसी और एसडीएम पर होगी। वहीं मौके पर पहुंचे तहसीलदार सोलन राजीव रांटा ने कहा कि स्थानीय लोगों ने समस्या को लेकर प्रशासन को अवगत करवाया है। वह एनएचएआई, रेलवे और स्थानीय लोगों की बातों को सुनने के लिए आज मौके पर पहुंचे थे। कहा कि जो भी समाधान निकलेगा उसको लेकर प्रशासन कार्य करेगा ताकि आमजन को किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो।