पर्यटन नगरी मनाली शनिवार को भगवान जगन्नाथ के जयघोष और 'हरे कृष्ण, हरे रामा' के संकीर्तन से भक्तिमय हो उठी। इस्कॉन (ISKCON) संस्था की ओर से आयोजित तीसरी भव्य रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ देश-विदेश से आए पर्यटकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। रथयात्रा का शुभारंभ सिविल अस्पताल मैदान से हुआ। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के सुसज्जित रथ के साथ श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए माल रोड से मनुरंगशाला तक पहुंचे। पूरे मार्ग में श्रद्धालु नाचते-गाते रहे और "जय जगन्नाथ" तथा "हरे कृष्ण, हरे रामा" के जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। मनुरंगशाला में महाआरती के बाद भगवान जगन्नाथ को पारंपरिक 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब में महाप्रसाद (भंडारे) का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस्कॉन संस्था के महासचिव पुष्पेंद्र ने बताया कि ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा की परंपरा से प्रेरित होकर मनाली में लगातार तीसरे वर्ष इस आयोजन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भगवान जगन्नाथ के संदेश, सनातन संस्कृति और भक्ति भावना का प्रचार-प्रसार करना तथा लोगों को सेवा और आध्यात्मिक जीवन से जोड़ना है। रथयात्रा में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटकों की भागीदारी ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति के बीच यात्रा शांतिपूर्ण एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।