किशाऊ बांध परियोजना के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई बैठक में प्रदेश के हितों को मजबूती से रखा। इसमें जब समीक्षा की तो पता चला कि हिमाचल और उत्तराखंड का पैसा खर्च कर डैम बनना था और पानी दिल्ली को जाएगा। कहा कि हमारी सरकार ने पैसा देने से इन्कार कर दिया। राज्य सरकार ने तीन वर्षों तक पुरानी शर्तों को स्वीकार नहीं किया और अब हिमाचल प्रदेश को बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के 211 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी, जिससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ होगा।