जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला के संयुक्त तत्वावधान में आपदा के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों, भवनों के बारे में जागरूक करने के मकसद से नाहन में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसकी अध्यक्षता सह-अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सिरमौर लायक राम वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जिला में आपदा से होने वाले नुकसान को कम से कम करने के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इसके अलावा ऐसे असुरक्षित भवनों को भी चिन्हित करना है जो कि भूकंप और भूस्खलन के कारण अत्यधिक संवेदनशील और कमजोर है। उन्होंने कहा कि सीबीआरआई रुड़की की तकनीकी व वैज्ञानिक टीम के सहयोग से सिरमौर के उपमंडल नाहन, पांवटा साहिब, शिलाई, पच्छाद एवं राजगढ़ की पूर्व निर्धारित ग्राम पंचायतों व अन्य चिन्हित क्षेत्रों के लगभग 2000 घरों व भवनों का भूकंप और भूस्खलन से बचाव के लिए अगले दिनों में मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन से समुदायों के सामने-आने वाले आपदा जोखिमों को कम करने के लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। इस योजना को धरातल पर सफल बनाने के लिए फील्ड विजिट के लिए विभिन्न प्रकार की टीमों का गठन कर कार्य को संपूर्ण किया जाएगा। कार्यशाला में आपदा के विभिन्न पहलुओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, आगजनी, बादल फटना इत्यादि विषयों पर सारगर्भित चर्चा की जाएगी। कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, हिमुडा, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग व खंड विकास अधिकारी कार्यालयों के लगभग 50 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में स्रोत व्यक्तियों के रूप में सीबीआरआई, रुड़की के प्रधान वैज्ञानिक व निरीक्षक, एम.एम. दालबेहेरा, वैज्ञानिक आशीष कपूर प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी चेतन चौहान, वित्त योजना अधिकारी, प्रताप पराशर, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सिरमौर से राजन कुमार शर्मा व अरविंद चौहान आदि मौजूद रहे।