प्रदेश की समृद्ध व अलौकिक लोक संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय रेणुका मेला शुक्रवार को भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। मुख्यमंत्री की गैर मौजूदगी के चलते प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मेले के शुभारंभ की रिवायत को निभाया। उन्होंने मेले का विधिवत शुभारंभ करके देव पालकियों को कंधा देकर रवाना किया। साथ ही शोभायात्रा की अगवानी भी की। शोभायात्रा दोपहर बाद ददाहू स्थित खेल मैदान से प्रारंभ होकर ददाहू बाजार, गिरिपुल, बेडोन, देवशिला, मेला मैदान से होती हुई शाम ढलने से पूर्व रेणुकाजी तीर्थ के त्रिवेणी घाट पर पहुंची। यहां मां रेणुका व पुत्र परशुराम का पारंपरिक व आध्यात्मिक मिलन करवाया गया। इस ऐतिहासिक मिलन के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा पडा। पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों के साथ शंख, घंटियाल, ढोल-नगाड़ों सहित बैंड बाजों की मधुर ध्वनि के साथ निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा के चलते रेणुका घाटी भगवान परशुराम और माता रेणुकाजी के जयघोष से गूंज उठी। शोभायात्रा में भगवान परशुराम के प्राचीन जामू, कटाहा, महासू व मंडलाह मंदिरों से आई देव पालकियां आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा के दौरान देवताओं की चढ़ती पालकी में देवताओं के खुले मन से के दर्शन पाकर श्रद्धालु गदगद हो उठे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए कामना भी की। शोभायात्रा में चलती पालकी में देवताओं के दर्शन करना अति शुभ व कल्याणकारी माना गया है। जिसको लेकर पूरे उत्तरी भारत से श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल होकर देवताओं के समक्ष अपनी मन्नते मांगते हैं। शोभायात्रा में भगवान परशुराम व माता रेणुका के मिलन का स्मरण कराती हुई भव्य झांकी भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। लोगों ने अपने घर की छत्त पर खड़े होकर देवताओं पर पशु वर्ष भी की। इस मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, नाहन के विधायक अजय सोलंकी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, कंवर अजय बहादुर सिहं, उपायुक्त प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी, एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान व सीईओ भरत सिंह ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी कर्मचारी रेणुका विकास बोर्ड के पदाधिकारी व हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।