शोषण मुक्ति मंच के राज्य संयोजक आशीष कुमार ने कहा कि विधायक हंसराज से जुड़ा ताजा विवाद प्रदेश-भर में दलित नेतृत्व के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कह कि भाजपा एससी मोर्चा चुराह के जिला अध्यक्ष ने स्वयं शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा है कि उन्हें विधायक हंसराज से जान का खतरा है। जो बेहद गंभीर, संवेदनशील और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है। सत्ता से जुड़े किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह का आरोप अपने-आप में यह दिखाता है कि दलित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के लिए राजनीतिक माहौल कितना असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत धमकी का नहीं, बल्कि दलित नेतृत्व को डराने धमकाने और राजनीतिक रूप से दबाने की बड़ी प्रवृत्ति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब एक जिला अध्यक्ष खुले तौर पर धमकी, भय और असुरक्षा की शिकायत कर रहा है, तब भाजपा प्रदेश नेतृत्व और भाजपा एससी मोर्चा पूरी तरह खामोश क्यों है? मंच ने कहा कि यह चुप्पी न केवल संदिग्ध है, बल्कि दलित समाज के प्रति पार्टी की संवेदनहीनता और दोहरे रवैये को भी उजागर करती है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता जिला अध्यक्ष को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए और भाजपा नेतृत्व इस प्रकरण पर खुलकर अपना पक्ष जनता के सामने रखे, यदि विधायक हंसराज पर लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी और संगठनात्मक कार्रवाई की जाए।