सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान खाद्यान्नों के सुरक्षित भंडारण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित न हो। ये निर्देश उपायुक्त ने जिला स्तरीय सतर्कता समिति और जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली समिति की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत जिले में लाभार्थियों के चयन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रगति की समीक्षा भी की गई। बैठक में बताया गया कि जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 2,66,965 और शहरी क्षेत्रों में 14,138 लाभार्थियों के चयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 31 मई 2026 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 2,29,445 और शहरी क्षेत्रों में 12,360 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है। जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले शमशेर सिंह ने जानकारी दी कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति राशन कार्ड 18.800 किलोग्राम गेहूं का आटा और 15 किलोग्राम चावल निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं प्राथमिक गृहस्थी श्रेणी के पात्र परिवारों को प्रति व्यक्ति 2.800 किलोग्राम गेहूं का आटा और 2 किलोग्राम चावल हर महीने मुफ्त दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को प्रति राशन कार्ड 11 किलोग्राम गेहूं का आटा 12 रुपये प्रति किलोग्राम और 6 किलोग्राम चावल 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि 1 नवंबर 2025 से 31 मई 2026 के बीच राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 3,078 मीट्रिक टन चावल तथा ओटीएनएफएसए के तहत 3,144 मीट्रिक टन चावल वितरित किया गया। इसी अवधि में एनएफएसए के तहत 4,119 मीट्रिक टन और ओटीएनएफएसए के तहत 6,055 मीट्रिक टन गेहूं का आटा पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।