जिला सिरमौर में अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बरसात के मौसम में भी पहाड़ों को छननी किया जा रहा है। यह आरोप नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में समाजसेवी नाथू राम चौहान ने लगाए। उन्होंने कहा कि उद्योगमंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान भी विधानसभा में यह मान चुके हैं कि कुछ विभागों की सेटिंग होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह विभाग सरकार के अधीन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से भी कई बार अवैध खनन को रोकने के लिए मिल चुके हैं। पांवटा साहिब के बांगरण पुल को बचाने के लिए अनशन पर भी बैठना पड़ा था। आज आलम यह है कि बरसात होने तक यहां भारी मात्रा में खनन हुआ। अब बरसात में यहां 50 घरों व 100 बीघा से अधिक जमीन को नुकसान पहुंचा है। घरों में दरारें आ गई हैं। अब लोगों के लिए संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूस्खलन नहीं होता था वहां भी अब बरसात में भूस्खलन के मामले बढ़ गए हैं। यही हालत रही तो आने वाले समय में हिमाचल का 75 प्रतिशत हिस्सा तबाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर मिलीभगत से खनन माफिया सक्रिय है।