सिरमौर जिला के विकासखंड शिलाई की ग्राम पंचायत नैनीधार में प्रधान पद के चुनावी नतीजों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मतदान के बाद घोषित हुए परिणामों पर एक प्रत्याशी के पति ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि नतीजों में धांधली का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर किया गया है। नाहन मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन कलोग (नैनीधार) निवासी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। वीरेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी किरण बाला ने इस बार प्रधान पद का चुनाव लड़ा था। वीरेंद्र के अनुसार, शाम को जब नतीजे घोषित हुए, तो चुनावी दस्तावेजों में मेरी पत्नी किरण बाला को 624 वोट और प्रतिद्वंदी निशा देवी को 518 वोट मिले दर्शाए गए। इस हिसाब से किरण बाला 106 वोटों से जीत चुकी थीं। लेकिन कुछ ही देर बाद वहां तैनात चुनाव अधिकारियों ने पलटी मार दी और कहा कि किरण बाला नहीं, बल्कि निशा देवी चुनाव जीती हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जारी दूसरे पत्र में भी भारी लापरवाही सामने आई है। उस पत्र में भी किरण बाला के वोट 624 और निशा देवी के वोट 518 ही दिखाए गए हैं, लेकिन पत्र के निचले हिस्से में निशा देवी को नैनीधार पंचायत का विजयी प्रधान घोषित कर दिया गया। वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जब उन्होंने आंकड़ों में इस हेरफेर का विरोध किया, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने किसी तरह वीरेंद्र को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उन्हें तुरंत शिलाई अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार ने राज्य चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर ने बताया कि नंबर लिखने में गलती हुई थी, जिसे सुधार दिया गया है। जिस प्रत्याशी के अधिक मत पड़े उसे विजेता घोषित किया गया। मौके पर सीसीटीवी भी लगे हैं। व्यक्ति के आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि नैनीधार पंचायत में नतीजों के बाद दोनों पक्षों की तरफ से क्राॅस एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में जांच जारी है।