नोग वैली की ऊंची चोटी पर स्थित माता शिकारी काली मंदिर में आयोजित चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया है। मंदिर में चार दिनों तक चले अनुष्ठान में हजारों लोगों ने शीश नवाया और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। गौर हो कि नौ से 12 अप्रैल तक दो देवता साहिब जाख रचोली और देवता साहिब दमुख डंसा के सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। दोनों देवताओं की अगुवाई में शिकारी काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर चला। वहीं भजन-कीर्तन पर भी श्रद्धालू खूब झूमे और माहौल भक्तिमय बना रहा। मंदिर में हवन के साथ चंडी पाठ का आयोजन किया गया। शनिवार को सुबह पूजा की गई। उसके बाद हवन का दौर चला। वहीं पूर्णाहुति के साथ चार दिवसीय अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके अलावा विशेष रूप से कन्या पूजन किया गया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया और हजारों लोगों ने भंडारा चखा। शाम को देवता साहिब अपने अपने देवालय लौटे। दशोटी के अलावा दूर दूर से हजारों की संख्या में लोग धार्मिक अनुष्ठान के साक्षी बने। देवताओं और माता से सुख-समृद्धि का आशीष प्राप्त किया। परशुराम मंदिर समिति की ओर धार्मिक अनुष्ठान को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने कहा कि शिकारी माता मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान देवी-देवताओं और माता के आशीर्वाद से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दूर दूर से हजारों लोगों ने मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। पूर्णाहुति और देवता साहिब की विदाई के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ।