पदम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय रामपुर में रेबीज जागरूकता एवं कुत्तों के प्रति सुरक्षित व्यवहार पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में विश्व रेबीज दिवस पुरस्कार से सम्मानित पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य राजेश परमार ने किया। डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया रेबीज शत-प्रतिशत रोकथाम योग्य बीमारी है। किसी जानवर के काटने या खरोंच की स्थिति में तुरंत साबुन और पानी से 15 मिनट तक घाव को धोना आवश्यक है। इसके बाद चिकित्सक के पास जाकर एंटी रेबीज सीरम और पूरी डोज के टीके लगवाए जाएं तो इससे बचाव संभव है। रेबीज जानवरों की लार के जरिये फैलता है। आमतौर पर काटने, खरोंचने, या आंख, मुंह और खुले घाव के सीधे संपर्क से इंसान में यह बीमारी आ सकती है। यह विषाणु इंसान के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर देता है और व्यक्ति के व्यवहार को बदल सकता है। इसलिए इसे शत-प्रतिशत घातक भी माना जाता है। रेबीज लगभग सभी स्तनधारियों को संक्रमित कर सकता है, जिनमें कुत्ते, बिल्ली, पशुधन और जंगली जानवर शामिल है। कार्यक्रम में पशुपालन सहायक बिहारी लाल ने छात्रों को प्राथमिक उपचार और टीकाकरण के बारे में जानकारी दी। साथ ही पशु सखी नीलिमा और संगीता ने छात्रों को जागरूकता गतिविधियों कराने में सहयोग दिया। यह जागरूकता कार्यक्रम सर्वोच्च न्यायालय की ओर से 7 नवंबर को जारी किए गए निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया।