महिला एवं नाबालिग का उत्पीड़न करने वाले आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो कोर्ट) की अदालत ने आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को दस हजार रुपये जुर्माना भी भुगतना होगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पोक्सो कोर्ट) ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए रितिक पुत्र अशोक कुमार, गांव चगांव, तहसील निचार, जिला किन्नौर को नाबालिग लडक़ी के साथ धोखाधड़ी और बार-बार शारीरिक शोषण करने के जुर्म में 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि दिनांक 4 फरवरी 2022 जब पीड़िता जिसकी उम्र 15 वर्ष के करीब थी, ट्यूशन से लौटकर बस के लिए खड़ी थी। इतने में आरोपी उसके पास आया और पीड़िता के साथ बातचीत शुरू कर उसे थोड़ी दूरी तक ले गया। दिनांक 06 फरवरी 2022 को आरोपी दोबारा बस स्टैंड आया, जहां पर पीड़िता बस का इंतजार कर रही थी और उसे वहां से थोड़ी दूरी पर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद आरोपी 2-3 बार पीडि़ता को बस स्टैंड से अपने दोस्त के कमरे में ले जाता रहा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और रात के समय उसे बाहर बुलाकर उसके साथ फिर से शारीरिक संबंध बनाया। आरोपी ने पीड़िता को बताया कि वह उससे प्यार करता है और उससे शादी करेगा। उसके बाद भी आरोपी ने पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। फिर कुछ दिन बाद रितिक और रविकांत पीड़िता और उसकी बहन को लेकर जंगल गए और पूरी रात आग जला कर वहीं रहे, जिस पर पीड़िता के घरवालों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दी। अगली सुबह पीड़िता और उसकी बहन को पुलिस ने बरामद कर लिया, जिसके बाद पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। छानबीन में पाया गया कि आरोपी रितिक पहले से ही शादीशुदा था और उसके बच्चे भी हैं। उसके बावजूद भी उसने नाबालिग लड़की के जीवन के साथ खिलवाड़ किया। ट्रायल के दौरान कुल 22 गवाहों के ब्यान कलमबद्ध किए गए। अदालत ने सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।