चिड़गांव के लिंबड़ा गांव में 12 साल के किशोर की आत्महत्या की घटना के बाद शुक्रवार को पूर्व विधायक राकेश सिंघा और शिमला के पूर्व महापौर संजय चौहान पीड़ित परिवार से मिलने पंहुचे। इस दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने उनके वाहन का घेराव कर मुर्दाबाद और गो बैक के नारे लगाए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। जांगला में पहले से सवर्ण समाज के लोगों की बैठक चल रही थी। उन्होंने इससे कुछ घंटे पहले सवर्ण समाज के लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर मांग की थी कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग आपस में टकराव की स्थिति पैदा कर रहे हैं। लिंबड़ा गांव से वापसी में जांगला में सवर्ण समाज के लोगों ने जब उनसे मुलाकात की, तो कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने कहा कि बाहर से लोग यहां आकर टकराव पैदा कर रहे हैं, जबकि मामले की पुलिस जांच कर रही है। लोगों की भीड़ ने उनके वाहन को घेर लिया। बाद में पुलिस मौके पर पंहुची। दोनों ओर से करीब 25 मिनट तक बहसबाजी का दौर चला। स्थानीय लोगों ने राकेश सिंघा और संजय चौहान के खिलाफ मुर्दाबाद और गो बैक के नारे लगाए। स्थानीय निवासियों का कहना था कि बाहर से आकर किसी को इस मामले में राजनीति नहीं करने दी जाएगी। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में गंभीरता दिखाने को का आग्रह किया है। सवर्ण समाज इकाई के अध्यक्ष पवन नेगी ने बताया कि इन लोगों के कारण क्षेत्र में मामला अति संवेदनशील हो रहा है। इससे दो समुदाय में आपसी टकराव की संभावना बनाई जा रही है। सवर्ण समाज के लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए लगातार सहयोग कर रहे हैं। कुछ राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए, तो कुछ सोशल मीडिया पर अनाप-शनाप पोस्ट डाल कर क्षेत्र के शांतिपूर्ण माहौल को खराब कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन सख्त रवैया अपनाए अन्यथा कोई भी घटना पूरे क्षेत्र में माहौल को अधिक खराब करेगी।