राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन-शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने मंगलवार को आईटीडीपी भवन रिकांगपियो के सम्मेलन कक्ष में जिला स्तरीय विकास योजना एवं 20-सूत्रीय कार्यक्रम समीक्षा समिति के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता की तथा कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में गरीबी उन्मूलन एवं वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए अभूतपूर्व कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम के तहत खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं एवं कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण तथा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को शामिल किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने गत जनवरी माह में हुई जिला स्तरीय योजना विकास समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना विकास समिति के तहत कार्यन्वित किए जा रहे कार्यों को समयबद्ध सीमा में पूर्ण करें ताकि आम जनता को इन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस कार्यक्रम के तहत नवीनतम योजनाएं शुरू की गई हैं जिसमें पंचायतों के साथ मिलकर ग्रामीण विक्रय केंद्र व कृषि और असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा शामिल है। बैठक में वन अधिकार अधिनियम-2006 पर विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जनजातीय जिला किन्नौर के सभी कामगारों के रहने व खाने-पीने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिला श्रम अधिकारी को निर्देश दिए गए। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग सड़कों को दुरूस्त रखने व पर्याप्त मात्रा में क्रैश बैरियर स्थापित करने के आदेश दिए गए। राजस्व मंत्री ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को सिंचाई व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए तथा पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा टूटी हुई पाईपों को शीघ्र बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में पेयजल पाईपों को जमीन से ढाई फीट की गहराई पर स्थापित करें तथा समय-समय पर पेयजल भण्डारन टैंकों की सफाई करने के आदेश दिए।