फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahr: प्रभावितों ने उठाई मांग, लूहरी परियोजना प्रभावितों को जल्द मिले फसलों और दरारों का मुआवजा

सतलुज नदी पर निर्माणाधीन एसजेवीएन की 210 मेगावाट लूहरी जल विद्युत परियोजना के प्रभावितों ने प्रदूषण और दरारों की मुआवजा राशि जल्द जारी करने की मांग उठाई है। इसके अलावा प्रभावितों ने दरारों को लेकर किए गए सर्वे पर ऐतराज जताया है और फिर से सर्वे करने सहित प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों और मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की गुहार लगाई है। प्रभावितों ने एडीएम शिमला पंकज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपनी समस्याओं को रखा और उचित समाधान की मांग की। नीरथ पंचायत के डोई और शरन गांव को प्रभावित क्षेत्र में शामिल करने का भी मामला उठा है। नीरथ में निर्माणाधीन लूहरी परियोजना से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों को लेकर मंगलवार को एसडीएम रामपुर कार्यालय में एक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एडीएम लॉ एंड ऑर्डर शिमला पंकज शर्मा ने की। इस दौरान एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह और एसडीएम कुमारसैन मुकेश शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में परियोजना संबंधि विभिन्न मुद्दों को लेकर एडीएम ने प्रभावितों से चर्चा की और गत बैठक में लिए गए निर्णयों बारे चर्चा की। बैठक में परियोजना प्रभावित सूर्य नारायण संघर्ष समिति ने प्रभावितों के विभिन्न मसलों को उठाया। समिति के सदस्यों ने कहा कि परियोजना के लिए अपनी जमीनें देने वाले लोगों को अब तक परियोजना में रोजगार नहीं दिया गया है। परियोजना ठेके के तहत युवाओं को रोजगार दे रही है, जबकि नियमों के मुताबिक उन्हें परियोजना में रोजगार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रबंधन इस मामले को लेकर लीपा पोती कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो प्रभावित कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। इसके अलावा परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा जल्द जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से अब तक केवल 2021-22 का ही मुआवजा मिला है, जबकि बाकि अदायगी अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं परियोजना निर्माण के लिए हुई ब्लास्टिंग से घरों को काफी नुकसान पहुंचा है, जबकि लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया। सर्वेक्षण सही तरीके से नहीं किया है, जिसे देखते हुए दरारों का सर्वे फिर से किया जाना चाहिए। बैठक में नीरथ पंचायत के डोई और शरन गांव को भी प्रभावित क्षेत्र में शामिल करने की मांग की गई। पंचायत उप प्रधान प्रेम चौहान ने बताया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में बरकेली को शामिल किया गया, जबकि उक्त दोनों गांव बरकेली के समकक्ष हैं और इन्हें भी प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा प्रभावितों ने नीरथ गांव की पेयजल समस्या दूर करने की उचित व्यवस्था करने, सीवरेज प्रणाली से जोड़ने और श्मशानघाट के जल्द निर्माण की मांग उठाई। वहीं क्षेत्र के एकमात्र सूर्य नारायण मंदिर के जीर्णोद्धार का मामला भी उठाया। एडीएम पंकज शर्मा ने बताया कि प्रभावितों की मांगों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उपायुक्त से चर्चा कर जल्द ही आर एंड आर की बैठक आयोजित कर प्रभावितों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर सूर्य नारायण संघर्ष समिति के अध्यक्ष बाबू राम सहित प्रभावित और परियोजना प्रबंधन वर्ग मौजूद।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें