रचोली पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय सावन मेले में रविवार को लोक संस्कृति और देव आस्था का शानदार संगम देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर देवलुओं के साथ ग्रामीण दिनभर थिरकते रहे। वहीं लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले की रौनक और बढ़ा दी। दोपहर बाद देवता साहिब अपने देवालय लौटे, जिसके साथ ही तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले का समापन हुआ। देवता साहिब जाख मंदिर रचोली में आयोजित सावन मेले में दिनभर लोगों की भीड़ रही। मंदिर परिसर में देवलुओं और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान डीजे और लोकगीतों की धुन पर भी लोग खूब झूमे। मेले में लोक गायकों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। अशोक पालसरा और निक्की नेगी सहित अन्य कलाकारों के गीतों पर लोग जमकर थिरके। देर शाम तक मेले में नाच-गाने का दौर चलता रहा। पारंपरिक सावन मेला स्थानीय देवता साहिब जाख की अगुवाई में आयोजित किया गया। मेले में दत्त महाराज बसाहरा, देवता साहिब महारुद्र गसो और देवता साहिब शिंगला भी विशेष रूप से मौजूद रहे। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद लिया। लोगों ने अपने आराध्य देवताओं से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। दोपहर बाद देवता साहिब अपने देवालय के लिए रवाना हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भावुकता का माहौल रहा। लोगों ने देवता से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की और आशीर्वाद प्राप्त किया।