अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) रामपुर इकाई ने लंबित मांगों पूरी नहीं होने पर कॉलेज मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यह तालाबंदी मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से फीस में की गई वृद्धि और लंबे समय से लंबित छात्र मांगों को लेकर की गई। विभाग संयोजक रवि वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फीस करीब 26 प्रतिशत तक की वृद्धि किया जाना आम एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला निर्णय है। शिक्षा विद्यार्थियों का अधिकार है और फीस में इस प्रकार की वृद्धि से गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 10 अप्रैल 2026 को नई फीस संरचना संबंधी अधिसूचना भी जारी की गई है। विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई। परिषद का कहना है कि छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आवाज को दबाने के बजाय प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र हितों से जुड़े इन मुद्दों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रखा जाएगा।