गोहर (मंडी)। कमरुघाटी के प्रसिद्ध जालपा माता सरोआ के वार्षिक मेले का गुरुवार को श्रद्धा और धार्मिक उल्लास के साथ समापन हुआ। तेज बारिश के बावजूद नाचन, सिराज, बल्ह, करसोग, मंडी और सुंदरनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले का मुख्य आकर्षण पांच देवी-देवताओं के रथों का पारंपरिक मिलन रहा। धार्मिक रीति-रिवाज के साथ हुए इस दिव्य मिलन के दौरान देव नृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और अनुष्ठानों से माहौल भक्तिमय बना रहा। मेले में माता जालपा, देव चाहडू, माता चतर्भुजा, देवी दुलाशन और देव बाला टिका जबाल के रथ पहुंचे। देवता कमेटी के प्रधान लीला प्रकाश ठाकुर ने बताया कि परंपरा के अनुसार माता ने हारों की रक्षा बांधी और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। देवता के गूर बिंदर कुमार ने बताया कि सभी धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न हुए।