मंडी जिले की मकरीड़ी उपतहसील के तहत आने वाली ग्राम पंचायत तरेंबली में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। करीब 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित उपस्वास्थ्य केंद्र पिछले 16 महीनों से बंद पड़ा है। मार्च 2025 से इस केंद्र पर ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ रहा है। पंचायत प्रधान रजनी ठाकुर ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ वर्कर और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विभाग की अनदेखी के कारण ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और सामान्य दवाइयों के लिए मकरीड़ी या जोगिंदर नगर जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने से मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। कई बार आपात स्थिति में समय पर उपचार मिलना भी मुश्किल हो जाता है। पंचायत ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि खाली पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं, ताकि उपस्वास्थ्य केंद्र को फिर से शुरू किया जा सके। साथ ही तरेंबली पंचायत को लांगणा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बजाय नजदीक स्थित मकरीड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा जाए, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उधर, मंडी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दिनेश कुमार ठाकुर ने बताया कि इस संबंध में बीएमओ से बात की गई है और समस्या के शीघ्र समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।