जल शक्ति विभाग में कार्यरत पैरा वर्करों व मल्टी टास्क वर्करों ने आश्वासन के बावजूद उनके लिए कोई भी पॉलिसी न बनाने पर अब शीतकालीन सत्र के दौरान सुक्खू सरकार को घेरने का मन बना लिया है। इनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में 5-6 हजार में गुजारा करना मुश्किल हो गया है और सरकार को 68 बार मांगपत्र सौंपने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। सुक्खू सरकार की बेरुखी से आहत होकर अब मंडी में पैरा वर्करों व मल्टी टास्क वर्करों ने मल्टी टास्क वर्कर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले बैठक कर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान धर्मशाला में सरकार को घेरने की योजना बनाई है। संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने बताया कि एक तो वे इतनी कम आय में 8-10 घंटे काम करे हैं, दूसरी ओर कुछ विभागीय अधिकारी उनके कार्य को सराहने के बजाय उन्हें प्रताड़ित करने में लगे हुए हैं। इससे उनके कुछ साथी अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं। संघर्ष मोर्चा मुख्य सलाहकार सुरेश चौहान कहा कि आज उन्हें मात्र 150 रूपये दिहाड़ी मिल रही है, जिससे न तो अपना खर्चा निकल पा रहा है और न ही परिवार और बच्चों की सही से परवरिश हो पा रही है। संघर्ष मोर्चा उपाध्यक्ष ईशान भारद्वाज ने कहा कि यदि प्रदेश की सुक्खू उनके लिए कोई पॉलिसी नहीं बना सकती है तो सरकार उन्हें लिखकर दे, ताकि वे कहीं और नौकरी तलाश कर सकें।