चैत्र नवररात्रि के पहले दिन मंडी जिले की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी देवी के मंदिर में भारी बर्फबारी के बीच पूजा-अर्चना हुई। 11 हजार फीट की उंचाई पर आसमान से गिरते बर्फ के फाहों के बीच पुजारी और मंदिर कमेटी के लोगों ने माता के दरबार में पहुंचकर विधिवत पूजा की। बता दें, घाटी में बीती रात से ही बर्फबारी का दौर जारी है। माता शिकारी देवी के पुजारी और कारदार गुरुवार सुबह मंदिर पहुंचे और नवरात्रि के पहले दिन विशेष पूजा-अर्चना की। थुनाग उपमंडल के तहत आने वाला माता शिकारी देवी का यह मंदिर समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर पूरी तरह से छत से विहीन है और शिकारी माता यहां खुले आसमान के नीचे ही रहना पसंद करती हैं। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण यह मंदिर आम लोगों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है। केवल मंदिर के पुजारी और कारदार ही सुबह-शाम माता की पूजा करते हैं। माता के पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि अभी तक शिकारी देवी में एक फीट से अधिक बर्फबारी हो चुकी है। उन्होंने घाटी में जारी बर्फबारी के चलते श्रद्धालुओं से शिकारी देवी की ओर अपना रुख न करने की अपील की है। वहीं, मंडी जिले के मैदानी इलाकों की बात करें तो पिछले कल से ही जिला भर में बारिश का दौर जारी है। जिस कारण जिला भर में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है।