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Mandi: शिवरात्रि मेले में दो लाख किलो वाली कीड़ा जड़ी, कैंसर जैसे असाध्य रोगों के उपचार में मानी गई है कारगर

दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिकने वाली दुर्लभ और औषधीय गुणों से भरपूर कीड़ा जड़ी (कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस) को शिवरात्रि मेले में उद्योग विभाग ने प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए रखा है। विभाग ने कंचन शर्मा के माध्यम से इस बेशकिमती जड़ी-बूटी को आम लोगों के लिए उपलब्ध करवाया है। मंडी शहर निवासी कंचन शर्मा उन गिने चुने लोगों में से हैं जो इस दुर्लभ जड़ी-बूटी का उत्पादन कर रही हैं। कंचन ने वर्ष 2021 में मंडी शहर के पास लगभग 2000 वर्ग फीट क्षेत्र में अत्याधुनिक लैब की स्थापना की और कीड़ा जड़ी मशरूम उगाने में सफलता हासिल की। 2022 में उनका प्रोडक्ट बाजार में आया। वर्तमान में वे हर माह पूरी क्षमता के साथ लगभग 50 किलोग्राम उत्पादन करने में सक्षम हैं। उन्होंने “बह्य एग्रो एंड बायोटेक” की स्थापना की, जो आज हिमाचल प्रदेश में कॉर्डिसेप्स मिलिटेरिस का पहला वाणिज्यिक उत्पादक उद्यम माना जा रहा है। उनके उत्पाद हिमालयन गोल्ड के नाम से बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। कंचन शर्मा ने बताया कि इस कीड़ा जड़ी मशरूम को ब्राउन राइस पर उगाया जाता है, और इससे विभिन्न बीमारियों, बीपी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, फैटी लीवर, जॉइंट्स पेन में भी फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह कैंसर और ट्यूमर को भी खत्म करने में कारगर सिद्ध हो रहा है। पंजाब रीजन में कैंसर का खतरा ज्यादा बढ़ गया है और इस कारण लोग इसे अब सप्लीमेंट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। कंचन ने बताया कि एक किलोग्राम उत्पादन पर लगभग 80 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि करीब 1 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होता है। सालाना रूप से वे इस प्रोजेक्ट से 10 से 12 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। हालांकि इसकी कीमत बहुत अधिक है लेकिन इसे किलो के भाव से कोई खरीदता भी नहीं क्योंकि यह ग्राम के हिसाब से ही बेची और खरीदी जाती है। कंचन शर्मा बीएससी और एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई की है।

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