नाचन क्षेत्र की कमरूघाटी में शुक्रवार सुबह चली भयंकर हवा और तूफान ने भारी तबाही मचाई। करीब तीन घंटे तक चले इस तूफान से अनेक घरों की छतें उड़ गईं, जबकि लोगों की घरेलू संपत्ति और वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के कारण कई मकानों के शीशे टूट गए। हवा के तेज आवेग से मकानों की स्लेटें और पेड़ों की टहनियां टूटकर वाहनों पर गिर गईं, जिससे कई गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। तूफान इतना प्रचंड था कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। रेफल पंचायत के कुटाची गांव में नागू के रसोई घर की छत उड़ गई, जबकि दिनू के घर के शीशे टूट गए। गांव में एक होटल के शीशे टूटने के साथ-साथ एक उद्योग की छत की चादर भी उड़ गई। बिंदर ठाकुर के घर की रेलिंग गिर गई और रसोई की छत उड़ने के साथ खिड़कियां टूट गईं। इसके अलावा दिनेश, बलवंत, दिनू, यशवंत और यादविंदर कुमार के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ठाकर दास की दुकान, मकान और जीप को भी क्षति पहुंची है। देव लाटोगली के रसोई घर पर बड़ा पेड़ गिरने से रसोई घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उधर, तूफान से नाचन क्षेत्र में विद्युत बोर्ड को भारी नुकसान हुआ है। इलाके की एक दर्जन से अधिक पंचायतों में ब्लैकआउट छाया हुआ है। बारिश से जहां किसानों और बागवानों को राहत मिली है, वहीं तेज तूफान ने अनेक लोगों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वन संपदा को भी लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। गोहर उपमंडल के कई क्षेत्रों से तूफान से नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।