मंडी स्थित बाबा भूतनाथ मंदिर की पावन पिंडी पर चढ़ाए गए घृत कंबल में मंगलवार को बुंदेलखंड के ऐतिहासिक कालिंजर किले में स्थित नीलकंठ महादेव का स्वरूप उकेरा गया। इस अद्भुत स्वरूप के दर्शनों के लिए दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही। बुंदेलखंड के कालिंजर किले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर श्रद्धा, इतिहास और स्थापत्य का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर यह आस्था भी प्रचलित है कि प्राकृतिक नमी के कारण उस पर जल की बूंदें स्वतः दिखाई देती हैं, जिसे श्रद्धालु चमत्कार के रूप में देखते हैं। विशेषकर महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और अभिषेक के लिए पहुंचते हैं। बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि नीलकंठ महादेव मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के इतिहास, परंपराओं और लोकविश्वासों को समझने का भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।