सराज के थुनाग में हुए घेराव और काफिला रोके जाने के मामले पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी की प्रतिक्रिया आई है। थुनाग से वापिस लौटते वक्त गोहर के बासा स्थित विश्राम गृह में उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में अपना पक्ष रखा और इस सारे प्रकरण को भाजपा की सोची समझी साजिश बताया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि इसमें गांव वालों का कोई दोष नहीं, यह सारा प्रकरण भाजपा द्वारा रचित था। थुनाग बाजार के कुछ दुकानदार नहीं चाहते कि राजकीय औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय यहां से शिफ्ट हो, जबकि इसमें पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और उनके परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। पहले भी यहां आपदा आ चुकी है। पूर्व सरकार ने यहां हॉस्टल बनाने के लिए कोई काम नहीं किया, बच्चों को रहने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। अब इस कॉलेज को गोहर उपमंडल के गुडाहरी में शिफ्ट करने की योजना है और जल्द ही सरकार के आदेशों पर इसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा। जगत सिंह नेगी ने बताया कि उनके सराज दौरे के दौरान थुनाग को छोड़कर और कहीं पर भी कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रभावितों से मुलाकात करके उनकी समस्याएं भी सुनी और उनका समाधान भी किया। नेगी ने कहा कि कालेज को लेकर कुछ लोग उनसे मिले थे और वे चाहते थे कि उनकी इच्छा के अनुसार मैं बयान दूं, लेकिन जो भी निर्णय होना है वह सरकार के निर्देशों पर ही होना है। मैं उसमें व्यक्तिगत तौर पर कुछ नहीं कर सकता। नारेबाजी करके और मेरा रास्ता रोककर कुछ लोग मुझपर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे जोकि अनुचित था।