मंडी जिले की सुरम्य घाटी करसोग, न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि सामाजिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। करसोग क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बाल विकास परियोजना करसोग आज क्षेत्र के बच्चों और माताओं के लिए आशा की एक नई किरण बनकर उभरी है। परियोजना के अंतर्गत करसोग में कुल 288 आंगनवाड़ी केंद्र सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। इनमें 266 आंगनबाड़ी केंद्र और 22 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को पोषाहार कार्यक्रम के अंतर्गत लाभ प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में इन केंद्रों में 0 से 6 माह तक के 456 बच्चे, 6 माह से 3 वर्ष तक के 2554 बच्चे और 3 से 6 वर्ष तक के 3324 बच्चे तथा 872 माताएं, कुल 6750 लाभार्थी संतुलित एवं पौष्टिक आहार के साथ-साथ स्वास्थ्य परामर्श, टीकाकरण, वजन मापन और स्वास्थ्य परीक्षण जैसी सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। दीपा कुमारी, ग्रामीण महिला ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र में मिलने वाले स्वादिष्ट और पोषणयुक्त पोषाहार के कारण उनका बच्चा अब पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ और खुश रहता है। उसे मीठा दलिया और पुलाव बहुत पसंद है। आंगनबाड़ी केंद्र न्यारा की कार्यकर्ता कुसुम का कहना हैं कि केंद्र में प्रतिदिन अलग रेसिपी से बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक खाना परोसा जाता है और वे घर में भी वैसा ही खाना बनाना सीख रही हैं। यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों को भी स्वस्थ बनाएगा।