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Mandi: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा बोले- कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर जवाब दे

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं ने कांग्रेस सरकार पर भरोसा कर रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद की थी, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी युवा अपने चुनावी वादों का जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं प्रदेश सरकार के एक मंत्री का सार्वजनिक बयान सामने आया है कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लगभग 600–700 लोगों को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार दिलाया। यदि यह बयान सही है, तो सरकार को पूरी पारदर्शिता के साथ बताना चाहिए कि यह प्रक्रिया क्या थी, किन नियमों के तहत नियुक्तियां हुईं और क्या प्रदेश के सभी युवाओं को समान अवसर उपलब्ध कराए गए। अजय राणा ने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी युवा के रोजगार के खिलाफ नहीं है। जिसने भी नियमों के अनुसार नौकरी प्राप्त की है, उसका सम्मान होना चाहिए। लेकिन भाजपा का प्रश्न पूरी भर्ती व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर है। हिमाचल प्रदेश केवल किसी एक विधानसभा क्षेत्र का नहीं है। मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर, किन्नौर, शिमला, सोलन, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति सहित पूरे प्रदेश का प्रत्येक युवा समान अवसर का हकदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन इस तरह के वयान दे रहे हैं ,यह चिंताजनक हैl एक ओर कांग्रेस सरकार चुनावों में नियमित रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने का वादा करती है, जबकि दूसरी ओर आउटसोर्स व्यवस्था पर निर्भरता बढ़ती दिखाई देती है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नियमित भर्तियों को लेकर उसकी नीति क्या है और आउटसोर्सिंग की भूमिका क्या है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय भी आउटसोर्स भर्ती व्यवस्था को लेकर गंभीर टिप्पणियां कर चुका है। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, नियमसम्मत और सभी युवाओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने वाली हो। अजय राणा ने कहा कि भाजपा की मांग केवल इतनी है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक करे। यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप हुआ है तो पारदर्शिता से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यदि चुनावी वादों और वास्तविक नीतियों में अंतर है, तो सरकार को प्रदेश के युवाओं के सामने इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल का युवा किसी उपकार की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि अपनी योग्यता के आधार पर निष्पक्ष और समान अवसर चाहता है। यही लोकतंत्र और सुशासन की मूल भावना है।

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