मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना राज्य की उन महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है, जो विषम परिस्थितियों में अकेले जीवन यापन करने के लिए विवश हैं। राज्य सरकार उन्हें घर बनाने के लिए तीन लाख रुपए की मदद दे रही है। योजना का उद्देश्य विधवा एवं एकल नारियों को को आवास सुविधा प्रदान करना है। विधवा या 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की ऐसी अविवाहित अथवा परित्यक्त महिलाएं जिनके पास रहने योग्य घर नहीं है, इस योजना का लाभ ले सकती हैं। इसके अतिरिक्त, वे महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र हैं जिनके पति पिछले सात वर्षों से लापता हैं। राज्य सरकार ऐसी पात्र लाभार्थी महिलाओं को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता गृह निर्माण के लिए उपलब्ध करवाती है, ताकि वे सम्मानजनक तरीके से अपना जीवन व्यतीत कर सकें। मंडी जिले के करसोग उपमंडल की 12 पात्र महिलाओं को योजना के अन्तर्गत घर बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से कुल 36 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक महिला लाभार्थी को तीन-तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रथम किस्त के रूप में 1.50 लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा हाल ही में अपने करसोग दौरे के दौरान इन पात्र महिलाओं को प्रदान की गई है। इस पहल से न केवल इन महिलाओं के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना जगी है, बल्कि इन्होंने आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त कदम आगे बढ़ाए हैं। लाभार्थी महिलाओं में अनिता कुमारी (सालना), सुनीता देवी (कोट), रिशा देवी (खोलतू), प्रेमी देवी (रेहा), सपना देवी (स्नेच), चंद्रावती (दगाव), रीमा देवी (डोबा), खेमदासीं (नेहरा), प्रेम कली (ममेल), कल्पना (घाड़ी), कल्लू देवी (बेलर) और डुली देवी (चलाहणी) शामिल हैं। इन सभी को गृह निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। लाभार्थी अनीता कुमारी ने कहा कि अब उन्हें, अपने व बच्चों के लिए पक्का घर होने का सपना साकार होता दिख रहा है। सुनीता देवी ने कहा कि यह योजना उनके लिए जीवन का सबसे बड़ा सहारा बनी है। प्रेमी देवी व रिशा देवी ने कहा कि अब उन्हें, अपने सिर पर स्थायी छत का भरोसा मिला है।