तापमान शून्य से नीचे चले जाने से मंडी जिला के बड़ा देव कमरूनाग की पवित्र झील मंगलवार सुबह बर्फबारी के बाद जम गई। झील में बर्फ की मोटी परत जमने से झील का पानी ठहर सा गया है। प्रशासन ने देवता कमरूनाग के मंदिर की तरफ न जाने की एडवाइजरी जारी कर दी है। हालांकि अभी देवता के मंदिर के कपाट बंद नहीं हुए हैं। मंदिर कमेटी भारी बर्फबारी के बाद ही कपाट बंद करेगी। देव कमरूनाग मंडी जिला की कमरूघाटी में स्थित है। देवता के मंदिर की ऊंचाई समुद्रतल से नौ हजार फीट है। यहां हल्का सा मौसम खराब होते ही बर्फ गिरना शुरू हो जाती है। देवता के कटवाल काहन सिंह ठाकुर और गूर देवी सिंह ने कमरूनाग झील के ठंड के कारण बर्फबारी में जमने की पुष्टि है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी और ठंड में लोग, पर्यटक और श्रद्धालु कमरूनाग मंदिर आने से परहेज करें। उधर, एसडीएम गोहर लक्ष्मण सिंह कनेट ने कमरूनाग मंदिर में न जाने की एडवाइजरी जारी कर दी है। उन्होंने कहा है कि लोग कमरूनाग मंदिर में जाने का जोखिम न लें और देव स्थल को जाने से परहेज करें। वहीं, बर्फबारी के बाद क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। मंडी जिला की सबसे ऊंची चोटी पर स्थिति शिकारी देवी मंदिर के कपाट 20 नवंबर से बंद कर हैं। वहीं, थुनाग प्रशासन ने एक बार फिर आदेश कर कर कहा है कि खराब मौसम में शिकारी देवी की ओर न जाएं। वहीं, शिकारी देवी से पुजारियों और दुकानदारों ने भी अब घर की ओर पलायन कर दिया है। कार्यकारी एसडीएम थुनाग अमित कलथाइक ने कहा कि लोग बर्फबारी और ठंड में शिकारी देवी पहाड़ी और मंदिर की तरफ न जाएं।