सराज घाटी की तुंगाधार पंचायत में चल रहे जिला स्तरीय कुथाह मेले का आयोजन इस बार विवादों के घेरे में आ गया है। पंचायत प्रधान हेमराज ठाकुर और पूर्व महिला प्रधान जस्सी देवी ने स्थानीय प्रशासन और कुछ कांग्रेस नेताओं पर मेले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पारंपरिक स्वरूप में आयोजित होने वाले इस मेले को इस बार राजनीतिक हितों की भेंट चढ़ा दिया गया है। पंचायत प्रधान हेमराज ठाकुर और पूर्व प्रधान जस्सी देवी ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया है कि प्रशासन और कुछ स्थानीय नेताओं ने मेले की पारंपरिक व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है। जस्सी देवी का कहना है कि मेले में केवल चहेते कलाकारों और नेताओं को बुलाकर इसकी मूल भावना को ठेस पहुंचाई गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन और आयोजक पक्ष में मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को बुलाने की हिम्मत नहीं है तो वे स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक जयराम ठाकुर को मेले के समापन समारोह में आमंत्रित करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेले को एकतरफा राजनीतिक मंच में बदलने की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विवाद तब और गहरा गया जब तुंगाधार पंचायत ने निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग के सदस्य विजयपाल सिंह को सांस्कृतिक संध्या में आमंत्रित करने के लिए एसडीएम को पत्र लिखा, लेकिन स्थानीय नेताओं के कथित हस्तक्षेप के चलते प्रशासन ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इससे पंचायत प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। 2023 से इस मेले को पंचायत से छीनकर प्रशासन को दिया गया है जबकि सरकार की अधिसूचना के अनुसार जिला स्तरीय मेले का आयोजन पंचायतें करेंगी। मेला कमेटी अध्यक्ष एवम एसडीएम थुनाग लक्ष्मण सिंह कनेट ने बताया कि 2023 की कुथाह मेला कमेटी बनी है, उनके नियमों के तहत मेले का आयोजन किया जा रहा है।