कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर रविवार को मंडी शहर स्थित वीर योद्धा सैनिक स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आयोजित समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर मुख्य अतिथि और कारगिल युद्ध के नायक ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रशासन, सैनिक कल्याण विभाग, नगर निगम, पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों ने पुष्पचक्र अर्पित कर देश के वीर सपूतों को नमन किया। समारोह को संबोधित करते हुए कारगिल युद्ध के हीरो ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि कारगिल केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान की अमर गाथा है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में 527 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। आने वाली पीढ़ियों को इन बलिदानों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि भले ही हर युवा सेना में न जाए, लेकिन हर भारतीय के मन में राष्ट्र सर्वोपरि होने की भावना अवश्य होनी चाहिए। एक्स सर्विसमैन लीग जिला मंडी के वाइस चेयरमैन कैप्टन हेत राम शर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध के शहीदों के सम्मान में सरकारों द्वारा की गई कई घोषणाएं आज भी अधूरी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ वादे पूरे हुए, लेकिन अनेक घोषणाएं वर्षों बाद भी लंबित हैं। सरकारों का दायित्व है कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों से किए गए सभी वादों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि एक्स सर्विसमैन लीग इस मांग को लगातार उठाती रहेगी। कार्यक्रम के दौरान कारगिल शहीदों के परिजनों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश हमेशा अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा तथा उनका सम्मान प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।