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Kargil Vijay Diwas 2026: ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर बोले- कारगिल युद्ध लड़ना मेरे लिए गर्व, आज भी याद है हर पल

कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर कारगिल युद्ध के नायक और पूर्व सैन्य अधिकारी ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने युद्ध के दिनों को याद करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध लड़ना उनके जीवन का सबसे बड़ा गर्व है। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों और दुश्मन की लगातार गोलाबारी के बावजूद भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विजय हासिल की और देश का तिरंगा शान से लहराया। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि तोलोलिंग की पहाड़ी पर कब्जा करना कारगिल युद्ध का सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण मिशन था। उस समय वह 18 ग्रेनेडियर्स का नेतृत्व कर रहे थे। इस मिशन में 25 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसके बाद हम्प और टाइगर हिल पर भी भारतीय सेना ने विजय हासिल की। उन्होंने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों पर माइनस तापमान, सिर छिपाने तक की जगह नहीं और ऊपर से दुश्मन की लगातार फायरिंग जैसी परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिक पीछे नहीं हटे। सैनिकों के साहस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प ने असंभव दिखने वाले मिशन को भी सफल बना दिया। उन्होंने कहा कि आज भी युद्ध का हर दृश्य और हर पल उनकी स्मृतियों में ताजा है। ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने कहा कि कारगिल युद्ध के समय और आज के दौर में काफी अंतर है। आज भारतीय सेना पहले की तुलना में कहीं अधिक आधुनिक, सशक्त और तकनीकी रूप से सक्षम है। वर्तमान समय में चीन और पाकिस्तान जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय सेना हर स्थिति का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल आमने-सामने की लड़ाई तक सीमित नहीं हैं। आधुनिक तकनीक युद्ध की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक के प्रभावी उपयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में युद्धों में अत्याधुनिक तकनीक और ड्रोन की भूमिका और बढ़ेगी।

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