जोगेंद्रनगर में एक माह के भीतर एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो जाने से परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब बीस दिन पहले मां की मौत की रस्में अभी नौजवान बेटे के द्वारा पूरी हो ही रही थी कि इसी बीच बेटे की भी सदमे से मौत हो गई। मां बेटे के माह के भीतर चल बसने से परिवार के सदस्य स्तब्ध है। परिजनां की चीखोपुकार से नगर परिषद क्षेत्र का माहौल गमहीन है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बीते 16 मार्च को वार्ड 6 की निवासी सुनंदा गुप्ता (73) का निधन हो गया था। वह बीते कुछ माह से अस्वस्थ चल रही थी। इनकी अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा कर माह के भीतर होने वाले श्राद्ध की तैयारियां अभी चल रही थी कि नौजवान बेटे विकास गुप्ता (52) की भी शनिवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। बकौल निजी स्कूल के प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात विकास गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने पर शनिवार देर रात जब उन्हें स्थानीय अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया इसी बीच रास्ते में उनकी मौत की खबर आ गई। कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज जम्वाल, नगर परिषद जोगेंद्रनगर के उपाध्यक्ष अजय धरवाल, व्यापार मंडल जोगेंद्रनगर के अध्यक्ष भास्कर गुप्ता, रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया समेत शहर के काफी संख्या में लोगों ने मृतक परिवार के समक्ष अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। जोगेंद्रनगर शहर के वार्ड 6 के निवासी विकास गुप्ता की मौत के बाद समूचे उपमंडल में मातम पसर गया है। दो बेटियों के सिर से बाप का साया हमेशा के लिए छिन जाने से हर आंख नम भी हो गई है। मृतक की पत्नी माला देवी इस सदमे से उभर नहीं पा रही है। मृतक विकास गुप्ता के भाई विवेक और विशाल का भी रो-रो कर बुरा हाल है। रविवार को विकास गुप्ता की अंतिम संस्कार की रस्में बेटी तनवी और रूही की मौजूदगी में पूरी हुई। बड़ी बेटी तनवी ने पिता की अर्थी को कांधा देकर शहर के लक्ष्मी बाजार स्थित मोक्षधाम पहुंचाया। यहां पर अपने चाचा विवेक गुप्ता के साथ पिता की अर्थी को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई भी दी। मृतक के भाई विवेक और विशाल गुप्ता ने बताया कि शनिवार देर शाम अचानक तबीयत बिगड़ने पर वह जब उपचार दिलाने के लिए जोगेंद्रनगर अस्पताल ले गए तभी मुख्य द्वार पर ही मौत की पुष्टि चिकित्सकों ने कर दी।