चालक-परिचालक भाई-भाई, लेकर रहेंगे पाई-पाई। यह नारे मंडी बस स्टैंड पर उस वक्त गूंजे जब एचआरटीसी के चालकों और परिचालकों ने गेट मीटिंग के दौरान प्रदेश सरकार और प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। एचआरटीसी ड्राइवर यूनियन मंडी क्षेत्र के प्रधान राकेश जम्वाल ने बताया कि चालकों और परिचालकों का 120 महीनों का नाइट ओवरटाइम अलाउंस और एरियर का बकाया देने को है। पिछली सरकारों से कर्मचारी अपनी इस मांग को लगातार उठाते आ रहे हैं लेकिन अभी तक सरकार इसकी अदायगी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। वर्दियां कर्मचारियों को दी नहीं जा रही और चालान कटवाए जा रहे हैं। बाकी कर्मचारियों की तर्ज पर एचआरटीसी के कर्मचारियों को कभी भी पहली तारीख को वेतन नहीं मिलता। परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन मंडी यूनिट के प्रधान रूप लाल नेगी ने बताया कि सरकारों से हर बार मांग ही की जा रही है जबकि मांग को कोई भी सरकार पूरा नहीं कर रही है। कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद किए हुए हैं। न तो सरकार वार्ता के लिए बुला रही है और न ही कोई समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 24 तारीख तक कोई समाधान नहीं निकाला गया तो उसी रात को एचआरटीसी के पहिए रोक दिए जाएंगे और मांगे पूरी न होने तक यह हड़ताल इसी तरह से जारी रहेगी।