हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक और परिचालकों ने अपने लंबित नाइट ऑफ और ऐरियर भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को जोगिंद्रनगर बस स्टैंड में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में गेट मीटिंग भी की। चालक महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि चालक-परिचालक पिछले छह वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेशभर के चार हजार से अधिक चालक-परिचालकों का 100 करोड़ रुपये से अधिक का नाइट ऑफ भुगतान लंबित है, वहीं करोड़ों रुपये के ऐरियर का भुगतान भी अभी तक नहीं किया गया है। परिचालक महासंघ के अध्यक्ष विजय कुमार ने इस मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर वेतन न मिलना कर्मचारियों के लिए एक गंभीर परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि निगम की खस्ताहाल बसों में लंबे समय तक सेवाएं देने के बावजूद, कर्मचारियों को उनके नाइट ऑफ का भुगतान नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन कर रहे चालक-परिचालकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में एचआरटीसी बसों के पहिए जाम कर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह प्रदर्शन कर्मचारियों की हताशा और अपनी जायज मांगों को पूरा करवाने की दृढ़ता को दर्शाता है। वहीं, एचआरटीसी धर्मशाला मंडल के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने कहा है कि चालक-परिचालकों की मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नाइट ऑफ और लंबित ऐरियर के भुगतान के संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा रहा है और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं और ठोस कार्रवाई का इंतजार है।