बर्फबारी ने मंडी जिले की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी, कमरूनाग और शैटाधार ने सफेद चादर ओढ़ ली है। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से किसानों, बागवानों, पर्यटकों और सैलानियों समेत देव समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। निचले इलाकों में बारिश से गेहूं और मटर को संजीवनी मिली है। सेब बगीचों के लिए इस समय बारिश और बर्फबारी की बेहद जरूरत थी जो पूरी हुई है। किसानों उत्तम चंद, राजीव ठाकुर, मुरारी लाल, दीपक, यशवंत, चंद्रमणि, नाग, यशु, तोम चंद, भीम सिंह और वेद प्रकाश ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों के लिए लाभदायक सिद्ध हुई है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. चिंत राम ठाकुर ने बताया कि बारिश-बर्फबारी सेब पौधों के लिए रामबाण है। सेब बगीचों में नमी और चिलिंग आवर्स से पैदावार के अच्छे होने के संकेत हैa। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने लोगों से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।