मंडी जिले के प्रसिद्ध देव कमरुनाग मंदिर में गुर पद को लेकर आठ दिन तक चले परता के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। गुर देबू और मंदिर के पुजारी बोधराज दोनों ही अपने-अपने परता को सफल बता रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं और देव कारिंदों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। गुर देबू का कहना है कि पारंपरिक विधि से किया गया उनका परता देव आज्ञा के अनुसार सफल रहा और देव नीति उनके पक्ष में है। वहीं पुजारी बोधराज ने भी दावा किया है कि देव संकेत उन्हें गुर पद के लिए अधिकृत करते हैं और उनका परता ही मान्य है। इस पूरे घटनाक्रम ने देव परंपरा में एक तरह का असमंजस पैदा कर दिया है।