ऐतिहासिक नलवाड़ व देव मेला धर्मपुर का समापन बुधवार को धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाजों और भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। समापन अवसर पर शीतला माता परिसर, पुराना धर्मपुर से मेला स्थल तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और जयकारों के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। देवी-देवताओं के रथों और पालकियों को सजाया गया था, जिनके दर्शन के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मेले के अंतिम दिन प्रशासन, मेला समिति और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में समापन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान आयोजकों ने मेले के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों, स्वयंसेवकों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। पांच दिनों तक चले इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद प्रतियोगिताएं, महिला मंडलों की गतिविधियां और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मेले के दौरान व्यापारियों ने भी अच्छी बिक्री की, हालांकि बीच में हुई बारिश ने कुछ व्यवधान जरूर डाला। समापन के साथ ही देवी-देवता अपने-अपने मूल स्थानों को रवाना हुए, जिससे श्रद्धालुओं में हल्की मायूसी भी देखने को मिली। फिर भी मेले की यादें लोगों के मन में लंबे समय तक बनी रहेंगी।