धर्मपुर खंड की लौंगनी ग्राम पंचायत के स्याठी गांव के डेढ़ दर्जन परिवार 30 जून को हुए भूस्खलन के कारण बेघर हो गए हैं और उन्होंने उसी गांव के एक मंदिर में 35 दिनों से शरण ली हुई है। लेकिन अब उन्हें मंदिर परिसर जल्द खाली करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। जबकि वहां पर प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है और सारी व्यवस्था ग्राम पंचायत, मंदिर कमेटी व अन्य लोग कर रहे हैं। अभी तक सैकड़ों संस्थाएं व व्यक्ति उन्हें आर्थिक व सामग्री के रूप में मदद कर चुके हैं और उन्हें मंदिर में ही खाना बना कर मुहैया कराया जा रहा है और रात्रि ठहराव भी व्यवस्था की गई है। लेकिन स्थानीय प्रशासन प्रभावितों को अभी तक खाना बनाने के लिए रसोई गैस सिलिंडर व कनेक्शन उपलब्ध नहीं करवा पाया है। यह आरोप पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं श्रमिक कल्याण बोर्ड सदस्य भूपेंद्र सिंह ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसडीएम धर्मपुर से दो बार दूरभाष पर बात की है और 23 जुलाई को इस बारे पत्र लिखकर भी मांग की थी भूपेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करता है तो वे प्रभावतों के साथ मिलकर उनके कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।