राजाओं के दौर में अभेद्य माने गए कमलाह किले में स्थित प्राचीन बाबा कमलाहिया मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कभी पानी के लिए भी तरसते थे, लेकिन आज इस मंदिर परिसर में आने वाला कोई भी श्रद्धालु खाली पेट नहीं लौटता। गत दो वर्षों से मंदिर परिसर में स्थानीय विधायक चंद्रशेखर के प्रयासों से भंडारे की मुहिम को शुरू किया गया था। चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर रविवार को इस प्रयास के 100वें भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें खुद विधायक चंद्रशेखर विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने यहां नवरात्रों पर हुए हवन यज्ञ में भी भाग लिया और पूर्णाहूति डाली। वर्ष 2023 में जब चंद्रशेखर यहां जातर लेकर आए थे तो उसी दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से यहां पर भंडारे को शुरू करने का ऐलान किया था। इसके लिए बाकायदा एक कमेटी का गठन किया गया।