भाषा एवं संस्कृति विभाग व हिमतरु के द्वारा देव सदन में कुल्लू साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। साहित्य उत्सव के दूसरे दिन भक्ति काल में निर्गुण धारा एवं सूफी परंपरा, योग, हिमालय में पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर साहित्यकारों व कवियों ने मंथन किया। कवि अजेय, आशीष त्रिपाठी, गुमान सिंह, संजू पॉल, सुभाष राय आदि ने अपने वक्तव्य पढ़े। कुल्लू साहित्य उत्सव का सोमवार को समापन होगा।