ढूंगरी स्थित माता हिडिंबा मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद देवी भागवत महापुराण कथा एवं महायज्ञ के दौरान कथा व्यास शंशाक कृष्ण कौशल ने श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने वेदवती, कुबेर पुत्र और शूर्पणखा द्वारा रावण को दिए गए श्रापों का सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि अधर्म, अहंकार और मर्यादाओं का उल्लंघन अंततः विनाश का कारण बनता है। कथा व्यास ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है, लेकिन हमें आत्ममंथन करना होगा कि क्या हम वास्तव में देवभूमि की परंपराओं और मूल्यों के अनुरूप जीवन जी रहे हैं।