अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेने के लिए भगवान रघुनाथ के मुख्य सेवक महेश्वर सिंह गुरुवार को अयोध्या रवाना हो गए हैं। उनके साथ रघुनाथ के पुजारी सहित तीन लोग शामिल हैं। भगवान श्रीराम को रघुनाथ की ओर से चांदी की चरण पादुका, चौउंर और चौकी भेंट की जाएगी। रामलला की जन्मभूमि अयोध्या से देवभूमि कुल्लू का 374 साल पुराना रिश्ता है। सन 1650 को भगवान रघुनाथ की मूर्ति को अयोध्या से कुल्लू लाया गया था। 1660 को आश्विन की दशमी तिथि को कुल्लू पहुंची और यहां पर भगवान रघुनाथ की अध्यक्षता में देवी-देवताओं का बड़ा यज्ञ हुआ।