लगभग नौ वर्ष के बाद कुलंग गांव के देवता जमलू और पराशर ऋषि ने दशोहर झील में पवित्र स्नान किया। जमलू देवता का नया गुर निकलने के बाद इस देव परंपरा का निर्वहन किया गया। दोनों देवताओं के पवित्र स्नान के बाद दशोहर में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। गौरतलब है कि ऊझी घाटी के अराध्य जमलू देवता और पराशर ऋषि बुधवार को पवित्र स्नान के लिए तीर्थ स्थल दशोहर को रवाना हुए थे। मढ़ी में रात्रि ठहराव के बाद सुबह भोर होते ही देवता दशोहर के लिए रवाना हुए। दशोहर पहुंचने के बाद पवित्र स्नान की रस्म का निर्वहन किया गया। देवताओं के साथ घाटी के हजारों लोग दशोहर पहुंचे। दशोहर में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद देवता शाम को कुलंग स्थित अपने देवालय पहुंचे। जहां पर देवभूज का आयोजन किया गया। पलचान पंचायत की प्रधान कौशल्या देवी ने बताया कि लगभग नौ साल बाद दोनों देवता पवित्र स्नान के लिए दशोर झील गए। जहां पर पवित्र स्नान हुआ। इसके बाद देवताओं के देवालय पहुंचने पर देवभोज का आयोजन किया गया।