देव श्रृंगा ऋषि बंजार अपने हामटा दौरे से लौट रहे हैं और इसी बीच शुक्रवार शाम को कुल्लू के अखाड़ा में पहुंचे थे। यहां रात्रि ठहराव करने के बाद अब शनिवार को यहां से सैकडों हारियानों के साथ देवालय की ओर निकल पडे़। इस दौरान देवता अपने अस्थाई विश्राम स्थल ढालपुर में भी कुछ समय के लिए विराजमान हुए यहां देवता दशहरा उत्सव के दौरान सात दिनों तक ठहरता है। इसके बाद यहां से आगे की यात्रा शुरू कर दी है।