फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu: स्कूलों में ऑटिज्म व समावेशी शिक्षा पर जागरूकता, कुल्लू में प्री-वर्कशॉप आयोजित

कुल्लू जिले के स्कूलों में बच्चों के समग्र विकास और उनकी विशेष जरूरतों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। इसी क्रम में बहुउद्देशीय भवन कुल्लू में एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें निजी और सरकारी स्कूलों के मुखियाओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप निदेशक उच्च शिक्षा देस राज डोगरा उपस्थित रहे। सांम्फिया फाउंडेशन और समग्र शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों से उनकी समझ और अनुभव जानने के लिए विभिन्न प्रश्न पूछे गए। प्रश्नावली में ऑटिज़्म को एक विकासात्मक स्थिति के रूप में पहचानने तथा ऐसे बच्चों को सामान्य स्कूलों में उचित सहयोग के साथ शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में 'क्लासरूम ऑब्जर्वेशन चेकलिस्ट' भी साझा की गई, जिसके माध्यम से शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार को समझने के तरीके बताए गए। इसमें ध्यान की कमी, लंबे समय तक बैठने में दिक्कत, निर्देशों का पालन न करना, बार-बार उठना, बेचैनी, शोर के प्रति संवेदनशीलता और अत्यधिक सक्रियता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। इसके अलावा शिक्षकों को यह भी बताया गया कि लिखने-पढ़ने में कठिनाई, पेंसिल पकड़ने में समस्या या जल्दी थकान जैसे संकेत भी बच्चों की विशेष जरूरतों की ओर इशारा कर सकते हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को संवेदनशील बनाना और कक्षा में हर बच्चे के लिए बेहतर व समावेशी वातावरण तैयार करना रहा। विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते पहचान कर बच्चों को ऑक्यूपेशनल थेरेपी (ओटी) या अन्य सहायता सेवाओं से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे सामान्य बच्चों की तरह सीख सकें और आगे बढ़ सकें।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें