जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान की उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम संजीत ठाकुर ने की। उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान से संबंधित विभागों के अधिकारियों, पंचायत जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे नशे के लगातार फैलते जाल को रोकने के लिए सिर्फ युवाओं एवं बच्चों को ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी विशेष रूप से जागरूक करें। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए व्यापक चर्चा की गई तथा विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा तय की गई। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, पंचायत जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों से कहा कि वे विभिन्न जागरुकता कार्यक्रमों में बच्चों के अभिभावकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि वे अपने बच्चों के प्रति अधिक सचेत हो सकें। पुलिस की नशा विरोधी मुहिम की सराहना करते हुए एसडीएम ने कहा कि अगर किसी परिवार, गांव या आस-पड़ोस का किशोर या युवा नशे की चपेट में आ जाता है तो इसे छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उसका इलाज करवाना चाहिए। बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं तहसील कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने अभियान की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।