अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जिला हमीरपुर के प्रवक्ता रोहित शर्मा एडवोकेट ने कहा कि हमीरपुर सदर विधायक आशीष शर्मा अपनी राजनीतिक नादानी से परेशान होकर अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और प्रदेश के यशस्वी एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। प्रदेश में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए राजनीतिक षड्यंत्र रचने वाले विधायक अपने राजनैतिक गुरु की चुनाव में हार देखकर बौखला गए हैं । हिमाचल की जनता से किए गए विश्वासघात का लोगों को यह जवाब देने में असमर्थ हैं । हमीरपुर की जनता यह जान चुकी है और समझ चुकी है कि भाजपा की टिकट हथियाने के लिए गुरु संग चेले ने चोर दरवाजे का इस्तेमाल किया है । मुख्यमंत्री पर वह तथ्यहीन आरोप लगाकर खुद को सही साबित करने की बार-बार नाकाम कोशिश कर रहे हैं । विधायक पर बालूगंज थाने में विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है और वह इस समय जमानत पर चल रहे हैं । मामला न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत है व जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा । विधानसभा चुनावों के नतीजे के बाद विधायक हमीरपुर आमजन से घुटनों के बल माफी मांगने के लिए तैयार रहे , क्योंकि नतीजे कांग्रेस पार्टी के पक्ष में ही आ रहे हैं। विधायक का आचरण तर्कसंगत नहीं है क्योंकि कभी वे मुख्यमंत्री से माफी मांगते हैं और कभी मुख्यमंत्री पर तथ्यहीन आरोप लगाते हैं। रोहित शर्मा ने कहा कि राजनीति कोई व्यापारिक लेनदेन का माध्यम नहीं है ,यह एक जन सेवा का माध्यम है जिससे आमजन का कल्याण हो । उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का क्या यह दोष है की वे खनन माफिया और नशामाफिया के खिलाफ हैं? अब यह जनता को सूझबूझ से तय करना है कि जनतंत्र में धनबल को या जनबल को सलाम करना है।। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ जो राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया था उसे मुख्यमंत्री की राजनीतिक सूझबूझ से पार पा लिया गया है । 6 विधानसभा चुनावों तथा 4 लोकसभा चुनावों में हिमाचल की प्रबुद्ध जनता मुख्यमंत्री व कांग्रेस पार्टी को भारी जन समर्थन व आशीर्वाद देकर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताकर षड्यंत्रकारियों को सबक सिखाएगी।